महिला के शरीर पर तिल
* जिस महिला के गाल पर तिल होता है, उसे अच्छा पति मिलता है।
* महिला के बाईं तरफ मस्तक पर तिल हो तो वह किसी राजा की रानी बनती है।
* आँख पर तिल हो तो पति की बहुत अधिक प्रिय होती है।
* गाल पर बाँईं तरफ तिल हो तो ऐशो-आराम का सुख मिलता है।
* कान पर तिल हो तो आभूषण पहनने का सुख मिलता है।
* छाती पर तिल हो तो पुत्र की प्राप्ति होती है।
* जाँघ पर तिल हो तो नौकर-चाकर का सुख मिलता है।
* पाँव पर तिल हो तो विदेश यात्रा का योग रहता है।
* मस्तक पर तिल हो तो हर जगह इज्जत मिलती है।
* नाक पर तिल हो तो वह महिला रूपवान होती है, पर घमंडी होती है।
पुरुषों के शरीर पर तिल का असर
* जिस पुरुष के सिर (मस्तक) पर तिल होता है, वह हर जगह इज्जत पाता है।
* आँख पर तिल होता है तो वह नायक पद पाता है।
* मुख पर तिल होता है तो उसे बहुत दौलत मिलती है।
* गाल पर तिल हो तो उसे स्त्री का सुख मिलता है।
* ऊपर के होंठ पर तिल हो तो धन पाता है तथा चारों तरफ इज्जत मिलती है।
* नीचे के होंठ पर तिल हो तो वह व्यक्ति कंजूस होता है।
* कान पर तिल हो तो वह खूब पैसे वाला होता है।
* गर्दन पर तिल हो तो उस व्यक्ति की लंबी उम्र होती है तथा उसे आराम मिलता है।
* छाती की दाहिनी तरफ तिल हो तो अच्छी स्त्री मिलती है।
* दाहिने कंधे पर तिल हो तो वह व्यक्ति कलाकार होता है। क्षेत्र कोई-सा भी हो सकता।
* हाथ के पंजे पर तिल हो तो वह व्यक्ति दिलदार व दयालु रहता है।
* पाँव पर तिल हो तो उस व्यक्ति के विदेश यात्रा का योग बनता है।
मंगलवार, 28 सितंबर 2010
शरीर पर तिल होने का फल
माथे पर———बलवान हो
ठुड्डी पर——–स्त्री से प्रेम न रहे दोनों बांहों के बीच–यात्रा होती रहे
दाहिनी आंख पर—-स्त्री से प्रेम
बायीं आंख पर—–स्त्री से कलह रहे
दाहिनी गाल पर—–धनवान हो
बायीं गाल पर——खर्च बढता जाए
होंठ पर———-विषय-वासना में रत रहे
कान पर———-अल्पायु हो
गर्दन पर———-आराम मिले
दाहिनी भुजा पर—–मान-प्रतिष्ठा मिले
बायीं भुजा पर——झगडालू होना
नाक पर———-यात्रा होती रहे
दाहिनी छाती पर—–स्त्री से प्रेम रहे
बायीं छाती पर——स्त्री से झगडा होना
कमर में———–आयु परेशानी से गुजरे
दोनों छाती के बीच—-जीवन सुखी रहे
पेट पर———-उत्तम भोजन का इच्छुक
पीठ पर———प्राय: यात्रा में रहा करे
दाहिने हथेली पर——बलवान हो
बायीं हथेली पर——खूब खर्च करे
दाहिने हाथ की पीठ पर–धनवान हो
बाएं हाथ की पीठ पर—कम खर्च करे
दाहिने पैर में———बुद्धिमान हो
बाएं पैर में———-खर्च अधिक हो
ठुड्डी पर——–स्त्री से प्रेम न रहे दोनों बांहों के बीच–यात्रा होती रहे
दाहिनी आंख पर—-स्त्री से प्रेम
बायीं आंख पर—–स्त्री से कलह रहे
दाहिनी गाल पर—–धनवान हो
बायीं गाल पर——खर्च बढता जाए
होंठ पर———-विषय-वासना में रत रहे
कान पर———-अल्पायु हो
गर्दन पर———-आराम मिले
दाहिनी भुजा पर—–मान-प्रतिष्ठा मिले
बायीं भुजा पर——झगडालू होना
नाक पर———-यात्रा होती रहे
दाहिनी छाती पर—–स्त्री से प्रेम रहे
बायीं छाती पर——स्त्री से झगडा होना
कमर में———–आयु परेशानी से गुजरे
दोनों छाती के बीच—-जीवन सुखी रहे
पेट पर———-उत्तम भोजन का इच्छुक
पीठ पर———प्राय: यात्रा में रहा करे
दाहिने हथेली पर——बलवान हो
बायीं हथेली पर——खूब खर्च करे
दाहिने हाथ की पीठ पर–धनवान हो
बाएं हाथ की पीठ पर—कम खर्च करे
दाहिने पैर में———बुद्धिमान हो
बाएं पैर में———-खर्च अधिक हो
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